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ईरान में नहीं हैं मुज्तबा खामेनेई? रिपोर्ट का दावा- 'तख्तापलट की चल रही साजिशें'

 Written By: Amar Deep @amardeepmau
 Published : Jul 19, 2026 03:08 pm IST,  Updated : Jul 19, 2026 03:08 pm IST

ईरान को लेकर सउदी के एक समाचार चैनल ने कई चौंकाने वाले दावे किए हैं। सूत्रों के मुताबिक दावा किया गया है कि मुज्तबा खामेनेई ईरान में नहीं हैं। इसके अलावा एक रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि ईरान में तख्तापलट की साजिशें चल रही हैं।

मुज्तबा खामेनेई।- India TV Hindi
मुज्तबा खामेनेई। Image Source : AP

सऊदी के समाचार चैनल 'अल-हदाथ' ने एक इजरायली सुरक्षा सूत्र के हवाले से बताया कि ईरान के सर्वोच्च नेता मुज्तबा खामेनेई "ईरान में नहीं हैं"। मुज्तबा खामेनेई ने 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त सैन्य हमलों में अपने पिता की मौत के तुरंत बाद ईरान के सर्वोच्च नेता का पद संभाला था। हालांकि मुज्तबा पद संभालने के बाद से सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं और केवल लिखित बयानों के जरिए ही बातचीत की है।

IRGC तैयार करती है खामेनेई के संदेश

'अल-हदाथ' द्वारा बताए गए सूत्र के अनुसार, मुज्तबा खामेनेई के आधिकारिक संदेश हाल ही में नियुक्त इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) प्रमुख अहमद वाहिदी और IRGC के अन्य वरिष्ठ सदस्यों द्वारा तैयार किए जाते हैं। इजरायली सुरक्षा सूत्र ने कहा, "ईरान में आंतरिक मतभेद गहरे हैं और ये इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के अस्तित्व के लिए खतरा हैं।" इसके अलावा, इजरायली सूत्र ने कहा कि अमेरिका नहीं चाहता कि इजरायल, ईरान के खिलाफ जवाबी हमलों में शामिल हो, भले ही तेहरान इजरायली क्षेत्र पर हमला करे। ये गंभीर आंतरिक मतभेद तेहरान की सड़कों पर भी दिखाई दे रहे हैं।

तेहरान में आतंरिक संघर्ष

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच ऐसी खबरें हैं कि तेहरान में सत्ता के लिए एक बड़ा आंतरिक संघर्ष शुरू हो गया है, जिससे देश के अति-कट्टरपंथी गुट, ज़्यादा उदारवादी प्रशासन से अलग हो गए हैं। CNN की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान में कट्टरपंथी तत्व सत्ताधारी नेतृत्व पर अमेरिका के साथ 14-सूत्रीय राजनयिक समझौते के बाद "सॉफ्ट कूप" (बिना हिंसा के सत्ता परिवर्तन की कोशिश) करने का आरोप लगा रहे हैं। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, कट्टरपंथी गुटों का मानना ​​है कि सरकार ने दिवंगत नेता खामेनेई की हत्या का बदला लेने के बजाय, उनके स्पष्ट निर्देशों का उल्लंघन करने वाले समझौते पर हस्ताक्षर करके प्रभावी रूप से आत्मसमर्पण कर दिया है। 

'तख्तापलट' की साजिश रचने का आरोप

अमेरिका स्थित ईरानी शोधकर्ता अराश अज़ीज़ी ने सीएनएन को बताया, "मुज्तबा की निरंतर अनुपस्थिति का अर्थ है कि कट्टरपंथियों की उन तक पहुंच नहीं है और ग़ालिबफ़ और उनके सहयोगी प्रभावी रूप से देश के प्रभारी हैं। इसलिए अति-कट्टरपंथियों ने ग़ालिबफ़ और पेज़ेश्कियन पर मुज्तबा के खिलाफ 'तख्तापलट' की साजिश रचने का आरोप लगाया है।" 

सांसद ने भी उठाए सवाल

एक कट्टरपंथी सांसद महमूद नबावियन ने खामेनेई के अंतिम संस्कार से पहले सवाल उठाते हुए कहा, "ईरान की जनता को चेतावनी, क्या तख्तापलट होने वाला है?" वहीं समारोहों के बाद, उन्होंने पोस्ट किया, "शहीद इमाम (खामेनेई) को विदाई के इन क्षणों में, हम उनके रक्त का बदला लेने का झंडा बुलंद करते हैं और तख्तापलट के खिलाफ मजबूती से खड़े हैं।" (इनपुट- एएनआई)

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